ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
दुर्ग

दुर्ग के गंजपारा प्राचीन शनि मंदिर में 27 मई को भव्य शनि जन्मोत्सव का आयोजन

दुर्ग। गंजपारा स्थित प्राचीन शनि देव मंदिर में मंगलवार, 27 मई 2025 को श्री शनि देव जयंती महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर सुबह से लेकर देर रात तक विभिन्न धार्मिक आयोजन आयोजित किए जाएंगे।

मंदिर के संस्थापक एवं मुख्य पुजारी राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि जन्मोत्सव के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इस बार 51 किलोग्राम पंजीरी धनिया का महाभोग चढ़ाया जाएगा। मंदिर की फूलों से विशेष साज-सज्जा की गई है, जो देखने वालों को आकर्षित कर रही है।

जन्मोत्सव के दिन सुबह 7 बजे महाअभिषेक किया जाएगा, इसके बाद 9 से 11 बजे तक पूजन, आरती और हवन पूर्णाहुति होगी। दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक भंडारे का आयोजन होगा। शाम 7 बजे महाआरती के साथ बूंदी धनिया से बनी पंजीरी के प्रसाद का वितरण किया जाएगा।

राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि गंजपारा शनि मंदिर दुर्ग-भिलाई क्षेत्र का सबसे पहला और प्राचीन शनि मंदिर है, जिसका उद्भव शहर के अन्य शनि मंदिरों के पहले हुआ। वर्ष भर यहां हजारों धर्मप्रेमी आते हैं, विशेषकर शनि महोत्सव और हरेली अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। इस वर्ष भी मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तजन आने की उम्मीद है, जिनके लिए प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई है।

गंजपारा वासियों के सहयोग से इस महोत्सव का आयोजन किया जाता है और प्रसाद वितरण व भंडारे में स्थानीय लोग सेवा देते हैं। जन्मोत्सव के दिन शाम 7 बजे से भजन संध्या का भी आयोजन होगा, जो देर रात तक चलेगा।

राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि स्थानीय लोगों की मान्यता है कि भगवान शनि देव की पूजा-अर्चना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, इसलिए श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button